Wednesday, May 25, 2011

शिखर पर अर्जुन


बुलंद हौसलों के आगे दुनिया की हर बाधा बौनी हो जाती है। नोएडा के सेक्टर 51 में रहने वाले अर्जुन वाजपेई ने 8516 मीटर ऊंचे माउंट ल्होत्से पर तिरंगा लहरा इसे साबित कर दिया। तमाम उतार-चढ़ाव और मुश्किलों के बाद उसने भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह आठ बजकर दस मिनट (नेपाली समयानुसार सवा आठ बजे) पर यह विश्व रिकार्ड कायम किया है। अर्जुन माउंट ल्होत्से पर जाने वाला सबसे कम आयु (17 वर्ष) का पर्वतारोही और पहला आम भारतीय है। भारतीय सेना भी इस शिखर तक एक बार ही गई है। अर्जुन ने चोटी से घर वापसी का सफर भी शुरू कर दिया है। माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले सबसे कम आयु के भारतीय के रूप में भी वह पिछले वर्ष रिकार्ड अपने नाम कर चुका है। ल्होत्से की चोटी पर पहुंचते ही अर्जुन ने सबसे पहले सैटेलाइट फोन के जरिए अपने माता-पिता से बात की। इसके बाद घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन अब जल्द उसके घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। पिता संजीव अर्जुन को लेने काठमांडू जाएंगे। दोस्त, परिजन, पड़ोसी और रिश्तेदार दिल्ली एयरपोर्ट पर उसका स्वागत करने पहुंचेंगे। हालांकि अर्जुन की घर वापस की तिथि अभी निर्धारित नहीं है। संजीव बताते हैं कि शुक्रवार दोपहर दो बजे अर्जुन कैंप टू पहुंच चुका था। शनिवार को वह बेस कैंप पहुंचा। वहां साफ-सफाई करने के बाद वह लुकला होते हुए काठमांडू पहुंचेगा। वहां पर पर्वतारोहण का प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद ही वह नोएडा के लिए रवाना होगा। ल्होत्से : चौथा सबसे ऊंचा माउंट ल्होत्से तिब्बत और नेपाल के खुम्बु सीमा पर माउंट एवरेस्ट के बगल में स्थित है। दुनिया में इससे ऊंची तीन चोटियां माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर), के2 (8611 मीटर) और कंचनजंगा (8586 मीटर) हैं। माउंट ल्होत्से की ऊंचाई है 8516 मीटर।

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