Friday, December 24, 2010

सुग्रीव ने निकाला पहाड़

आखिरकार कुछ न कुछ तो है ही बिहार के गया जिले के अतरी प्रखंड की माटी में। जो यहां के लोग हमेशा प्रकृति को चुनौती देते आए हैं। पर्वत पुरुष के रूप में चर्चित दशरथ माझी ने पहाड़ काटकर सड़क बना दी तो उन्हीं की प्रेरणा से सुग्रीव राजवंशी ने दो वर्षो की कठिन मेहनत से 130 फीट लंबा और 50 फीट चौड़ा तालाब खोद पानी निकाल दिया। प्रखंड की चकरा पंचायत के रंगपुर चंद्रशेखर नगर गांव के महादलित टोले में लगभग 300 परिवार रहते हैं। पहाडि़यों के बीच बसे इस टोले की सबसे बड़ी समस्या पानी की थी। समस्या का समाधान प्रशासन के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं ढूंढ पा रहे थे। ऐसे में भगीरथ प्रयास का संकल्प लेकर सुग्रीव ने तालाब खोदने की ठानी। पहाड़ी भूमि होने के कारण कभी-कभी मन डोल जाता था, लेकिन इसे चुनौती मानते हुए सुग्रीव ने हार नहीं मानी और दो वर्ष में तालाब बनकर तैयार हो गया। सुग्रीव बताते हैं कि छोटी-छोटी पहाडि़यों से घिरी इस पथरीली जमीन पर पौ फटते ही वे डलिया और चपड़ा लेकर आ जाते थे। वे मानते हैं कि तालाब खोदने की सोच और गांव में पेयजल की समस्या से निजात की प्रेरणा उन्हें पर्वत पुरुष बाबा दशरथ माझी से मिली। अकेले कार्य करने के सवाल पर सुग्रीव का कहना है कि जब बाबा ने पहाड़ काट डाला तो यह तो मिट्टी काटने का कार्य था। वे बताते हैं कि उनके इस अकेले के कार्य का कई ग्रामीणों ने मजाक उड़ाया लेकिन आज वे ही वाह-वाह कर रहे हैं। सुग्रीव ने इस तालाब का नाम प्रभात सरोवर रखा है, क्योंकि इसकी खुदाई सुबह की बेला में की जाती थी। चकरा पंचायत के मुखिया बलिराम चौधरी ने बताया कि सुग्रीव राजवंशी ने दशरथ माझी की तरह अकेले ही पहाड़ी के बीच तालाब खोद डाला। जो सभी को पानी मुहैया कराएगा। सुग्रीव के इस कार्य की ग्रामीणों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।

No comments:

Post a Comment