पंजाब के बठिंडा जिले के सधाणा गांव के युवाओं ने सामूहिक प्रयासों से गांव की रंगत बदल दी है। पौधरोपण, सड़क निर्माण और सार्वजनिक स्थलों की देखभाल, गरीबों का निशुल्क इलाज बिना किसी सरकारी मदद के हो रहे हैं। सामाजिक कार्यो के तहत सैकड़ों गरीब लड़कियों की शादी कराने के साथ ही बुजुर्गो को मासिक पेंशन देने का काम भी शुरू किया गया है। अफसरों और नेताओं के चक्कर लगाने से गुरेज करने वाले ग्रामीणों का प्रण है कि उनका गांव पंजाब का सबसे विकसित और खूबसूरत गांव बनकर रहेगा। गांव के युवाओं ने करीब 3 साल पहले यूथ फेडरेशन आफ मालवा का गठन किया। इसके बाद शुरू हुआ गांव संवारने का सफर जो आज तक जारी है। फेडरेशन लाखों रुपये खर्च कर विकास की इबारत लिख रहा है। करीब दो सौ युवाओं की टोली गांव की तस्वीर बदलने में लगी हुई है। पर्यावरण के मद्देनजर पौधारोपण पर ही फेडरेशन ने पांच लाख रुपये खर्च किए हैं। गांव की सड़कों, गलियों, स्कूल, वाटर वर्क्स, श्मशानघाट, गुरुद्वारा साहिब, धर्मशालाओं सहित अन्य सांझी जगहों पर आम, जामुन, अशोका इत्यादि के 15 हजार पौधे लगाए गए हैं। चारों ओर से गांव में दाखिल होने से दो किमी पहले ही यह पौधे दिखाई देने शुरू हो जाते हंै। विकास के अलावा सामाजिक कायरें में भी युवाओं ने उदाहरण पेश किया है। अब तक 229 गरीब व बेसहारा लड़कियों की शादी करवाई जा चुकी है। सर्दी से बचाव को जरूरतमंद बच्चों को जर्सियां, बूट आदि भी बांटे जा रहे हैं। गरीब लोगों का निशुल्क इलाज भी फेडरेशन करवा रहा है। गांव ढिपाली व कोठा गुरू की दो बुजुर्ग महिलाओं को प्रति माह पांच-पांच सौ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। गांव के बुजुगरें के लिए चार लाख रुपये की लागत से सभ्याचारक सत्थ (चौपाल) बनाई गई है। नौजवानों के लिए जिम बनाया गया है। दो लाख की लागत से तीन पुलिया भी बनी है। गांव में दो आरओ वाटर कूलर भी लगे हैं। इन सभी कामों के लिए कोई सरकारी फंड नहीं लिया गया है। इंसान तो क्या लावारिश कुत्तों को भी ठंड से बचाने के लिए झोपड़ी भी डाली गई है। फेडरेशन के अध्यक्ष लखविंदर सिंह लक्खा कहते हैं कि शीघ्र ही भ्रूणहत्या को रोकने के लिए भी मुहिम शुरू की जा रही है। संस्था जनवरी में गांव के गुरुद्वारा साहिब में पंगूड़ा स्थापित कर रही है।
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